भारतीय विज्ञानिको ने दावा किया है कि उन्होंने ऐसा पोशाक का आविष्कार किया है जिसे पहनकर भारतीय सेना mr. India के तरह अदृश्य होकर शत्रूवो से मोकाबिला कर सकते हैं।

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न्यूज़ फ्रंटलाईनर : मिस्टर इंडिया सिनेमा का वो दृश्य याद है न? जादू की तरह अदृश्य हो जाते थे अरुण वर्मा के किरदार निभाने वाले अनिल कपूर। एक खास यंत्र उनके हाथ लग गया था, जिसकी मदद से अदृश्य हो जाते थे वे। सुनने में आ रहा है कि अब भारतीय सेना भी इसी तरह अदृश्य होने की छमता से लैस होने जा रहा है। सुनने में थोड़ा अजीब सा लग रहा है फिर भी इसकी वास्तविकता की पुष्टि कर रहे हैं कानपुर आई आई टी के विज्ञानिक।  

विज्ञानिको का कहना है किविज्ञान-टेक्नॉलॉजी  के इस्तेमाल से वे एक ऐसा ही पोशाक बनाने में कामयाब हुए हैं जिसे पहनकर एकदम से अदृश्य हो जाया जा सकता है। इस आविष्कार की मदद से भारतीय सेना व युद्ध बिमान भी  सत्रूवो के रेडार से भी अदृश्य हो जायेगे। भारतीय सेना इसकी मदद से सत्रूवो के अंदर जाकर उनकी जड़ से सफाया करने में सक्षम होंगे।  

लेकिन यह कैसे संभव है जानने के लिए सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि सेना के जवान व युद्ध विमान सत्रूवो के नजर में आते कैसे है। सुनने में आता है कि सत्रूवो के टैंक में बेवहरित एक यन्त्र के माध्यम से रात के अंधेरे में सेना के शरीर के तापमान के कारण इनकी उपास्थिति का पता चलता है। ठीक इसी प्रकार रेडार की तरंग युद्ध बिमान से टकराकर इनकी उपास्थिति दर्ज करता है। कानपुर आई आई टी के विज्ञानिको का दावा है कि अदृश्य करने वाला यह पोशाक ऐसा एक धातु से बनेगा जिससे सैनिकों के शरीर का तापमान पकड़ में नही आएगा।  

ठिक इसीतरह रेडार के तरंग भी युद्ध बिमान से टकराकर वापस नहीं आएगा। युद्ध विमान के ऊपर लगे यह धातब पोशाक रेडार के तरंगों को आपने अन्दर निषेचित कर लेगा। बिज्ञानीको के दावे के अनुसार यह पोशाक, सेना व विमान के लिए बने यह धातब पोशाक बिभिन्न धातु के साथ प्लास्टिक जातीय एक बिसेस पदार्थ से निर्मित यह किसी भी यंत्र को धोखा देने मे सक्षम है।   बिज्ञानीको के अनुसार यह दिन में नजर आने से भी रात के अँधेरे मे सेना को अदृश्य रहने मे मददगार साबित होगा, ऐसा भी दावा किया गया है कि सी सी कैमरा से भी पकड़ में नहीं आएगा।   अमीरका मे भी इस तरह का पोशाक का आविस्कार हुआ है सेना के लिए,मगर अमीरका सेना के लिए तैयार यह पोशाक अत्यंत भरी होने के कारण वे सब जगह इसका इस्तेमाल नहीं कर सकते है।लेकिन आई आई टी कानपुर के बिज्ञानीको द्वारा निर्मित यह पोशाक हल्का व सभी जगह इस्तेमाल करने के लायक है।  

बिज्ञानीको के इस आविस्कार को लेकर डीआरडीओ परीक्षण सुरु कर चुके हैं, इसकी सफल परीक्षण के बाद इसे सेनाबहिनी मे नियुक्त कर दिया जायेगा।

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