कोयला चोरी अब सिर्फ चोरी नही रहा।

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न्यूज़ फ्रंटलाइनर वेब डेस्क,23 अक्टूबर:
कभी अचानक धुँवा निकल रहा है, फिर कभी आग लग जाता है। कभी कभी कोयला चोरो को गंभीर खतरों का सामना करना पड़ता है, गैर कानूनी कोयला खदानो का कारबार पश्चिम बर्धमान, बांकुड़ा, बीरभूम, पुरुलिया के इलाके में लगभग प्रतिदिन के घटना में परिवर्तित हो गया है। लाखो कोशिश के बावजूद इन गैर सरकारी कोयला खनन को कोल इंडिया रोक नहीं पा रहे हैं। आरोप है कि सी आई एस एफ, राज्य सरकार की पुलिस, एवं ई सी एल के अधिकारियों के मिली भगत से इसे अंजाम दिया जाता है।इस परिस्थिति से निपटने के लिए अब कोल इंडिया के तरफ से ऐप्प का सहारा लिया जा रहा है। ऐप्प का नाम है खनन प्रहरी। कब कहा और कैसे गैर सरकारी खनन चल रहा है,इस तरह के सभी तथ्यों को फोटोज के साथ इस ऐप्प पर भेजा जा सकता है, चिंता की कोई बात नहीं है क्यो की खबर देने वालों का नाम, पता पूरी तरह से गुप्त रखा गायेगा।
कोयला चोरी की घटना कोई नयी बात नहीं है,2011 साल से पहले भी कोयला चोरी होता था पर वह आंशिक था, पर 2011 के बाद कोयला चोरी एक बिसाल रूप धारण कर लिया है, यहाँ तक कि आज मिट्टी काटने की मसिनो का भी इस्तेमाल किया जा रहा है,कही तालाब की तरह मिट्टी खोद कर तो कही हजारों फ़ीट कुँवा काट कर , तो कही ई सी एल के परित्यक्त खदानों से भी गैर कानूनी रूप से कोयला खनन हो रहा है। एकदम कॉन्ट्रैक्ट देकर गैर कानूनी रूप से कोयला खनन चल रहा है, कोयलांचल के शासक दल नेताओ का क्या कहना,उनकी तो जैसे उंगली इतनी मोटी हो गई है जैसे मानो केले के गाछ हो, इन सभी गैर कानूनी कोयला खदान के दखलदारी को लेकर शासक दल के नेताओं में मारपीट की घटना तो कोई नई बात नहीं है।
बिरोधी दलों का कहना है कि, इन गैर कानूनी खदानों से जो पैसा आता है उस में से कुछ पैसा शासक दल के स्थानिये नेताओं के माध्यम से काली घाट तक पहुचा दिया जाता है। सुनने में ये भी आता है कि एक समय मे ये सब मुकुल बाबु देखते थे, अभी भतीजे को मिला है इस इलाके का दायित्व भार।
स्थानीय लोगों का अभियोग है, कि इन सभी गैर कानूनी खनन के कारण अक्सर भू धसान के चलते साधारण लोगों का जान चला जाता है,
परिवेश का संतुलन बिगड़ रहा है,
सबसे बड़ी बात यह है कि देश की संपत्ति का लूट चल रहा है।
लोगो का कहना है कि कोयला मंत्रालय के उच्च अधिकारियों के पास खबर होते हुए भी उनकी ग़ाफ़िलती या मिलीभगत के कारण इस पर रोक नहीं लग रहा है।
इसलिए कोल इंडिया के उच्च अधिकारियों ने इन गैर कानूनी खदानों पर अंकुश लगाने के लिए डिजिटल पद्धिति के इस्तेमाल का प्रस्ताव दिये हैं, चालू किया गया है “खनन प्रहरी” ऐप्प।
आप इस ऐप्प के माध्यम से कैसे गैर कानूनी खनन का खबर भेजेंगे? गुगल प्ले स्टोर से खनन प्रहरी डाउन लोड करें।वहा पर अभियोग बतलाने के लिए
(काम्प्लेक्स),आप का अभियोग की स्थिति पता करने के लिए ट्रैक योर स्टेटस, खदान के मानचित्र , गुगल मैप के साथ बहुत से बिभाग है इस ऐप्प में। काम्प्लेक्स मे जाकर फोटोज के साथ साथ अभियोग बतया जा सकता है।
कोल इंडिया के तत्परता से ऐप्प के माध्यम से अभियोग की जानकारी रखने का बेवस्था एक गुप्त घर के अंदर रखा गया है।
जहा पर लगा कंप्यूटर पर ऐप्प के माध्यम से बहुत सारे अभियोग आ रहे है गैर कानूनी खनन का,
अभियोग मिलते ही अधिकारी उस गैर कानूनी खनन वाले इलाकों को चिन्हित कर तुरंत सी आई एस एफ एवं उस इलाके के थाना क्षेत्र के पुलिस को साथ लेकर अभियान चलाया जा रहा है, इसके फलस्वरूप कुछ हद तक सफलता प्राप्त हो रही है,
गैर कानूनी खनन रोकने में।

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