बिहारी लोग पुलिस का इनफॉर्मर है, “मुनमुन सेन”

General Election 2019 TMC

न्यूज़ फ्रंटलाइनर वेब डेस्क, 27 मार्च 2017, आसनसोल से तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार मुनमुन सेन एक के बाद एक बितर्कित बयान दे रही है। उमीदवार बनाने के बाद आसनसोल में एक संबादिक बैठक में साड़ी के आँचल हट जाने से एक अश्लील परिस्थिति बन गई। इसके बाद उन्होंने हिंदी भाषियों को निशाना बनाया ,उन्होंने ने हिंदी भाषियों को पुलिस का इनफॉर्मर बताया यह बात इलाके में फैलते ही बितर्कित परिस्थिति बन गई और हिंदी भाषा के लोगों ने इसका विरोध करने लगे। प्रदेश कांग्रेस के नेता बिस्वनाथ जादव बोले इस बात से हिन्दी भाषा के लोगों का अपमान किया गया है,पश्चिम बंगाल के उन्नयन में हिन्दी भाषा के लोगों ने बहुत योगदान दिया है इसके साथ ही उन्होंने कहा कि समबिधान के आनुसार हिंदी भासी और बंगला भासी कुछ अंतर नहीं होता ,संबिधान के अनुसार सभी को बराबर सुख सुविधा मिलनी चाहिए, आगे उन्होंने कहा कि इस बात को लेकर वे कमिश्नर के पास भी जाएंगे।


उधर आसनसोल से सी पी आई एम के उमीदवार गौरांग चटर्जी भी इस बात का बिरोधिता किये हैं और बोले आसनसोल में रहने वाले हिंदी भाषा के लोगों का अपमान किया गया है।
भाजपा नेता निरंजन सिंह ने भी एक बयान में कहा है कि हिंदी भाषा के लोगों का अपमान अति निंदनीय है।


25 मार्च के मुनमुन सेन के यह बयान इलाके के राजनीतिक महल में चर्चा का बिसय बना हुआ है।
इलाका के सांसद एवं केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो भी टुइट कर इस बयान का तीब्र बिरोधिता किये हैं और बोले कि 2014 साल में तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार दोला सेन के लिए प्रचार में आकर मुख्यमंत्री ने हिंदी भाषा के लोगों को अतिथि बोलकर अपमानित की थी और अब उसी पार्टी के उम्मीदवार हिंदी भाषा के लोगों को पुलिस का मुखबिर बताकर फिर से अपमानित की,इसी से हिन्दी भाषा के लोगों के प्रति तृणमूल कांग्रेस का असली चेहरा साफ हो गया।


इस बात को संभालने के लिए पांडवेसवर का विधायक एवं आसनसोल के मेयर जितेन्द्र तिवारी सामने आए शासक दल के तरफ से मुनमुन सेन के बयान के पक्ष में लोगों को समझाने की कोशिश करते नजर आए, और हिंदी भाषा के नेताओ का उदाहरण देने लगे और बोले राज्य सरकार हिंदी भासी लोगों के लिए बहुत सारे काम की है। सरकारी योजनाओं को भी समान रूप से उन तक पहुचाया गया है उनके बच्चों के लिए हिंदी माध्यम स्कूल, हायर सेकंडरी स्कूल, जूनियर हाईस्कूल आदी बनाया गया है,यहां तक कि हिंदी में एम ए, एम फिल, पीएच डी करने का भी सुबिधा हुआ है बर्तमान शासन में,हिन्दी भवन का निर्माण किया गया है वे अपनी उदाहरण देते हुए बोले कलकत्ता के बाद दूसरे सबसे बड़ा पौरसाभा का मेयर बनाया गया है उन्हे, और बहुत सारे विधायक भी है हिंदी भाषी।


उनका कहना है कि मुनमुन सेन के बयान को गलत तरीके से पेस किया जा रहा है।
लेकिन आसनसोल में आज भी मुनमुन सेन का बयान चर्चा का बिसय बना हुआ है।
मालूम हो कि इस इलाके को मिनी इंडिया कहा जाता है क्योंकि यहाँ पर झारखंड, बिहार, उत्तरप्रदेश यहाँ तक कि राजस्थान के लोगों का भी निवास स्थान है बहुत समय से रहते रहते वे आज यहां के स्थायी बाशिन्दा भी बन गए हैं, इलाके के शिल्पांचल में इन लोगों का बिसेस भूमिका भी है।
आसनसोल लोकसभा केंद्र में 52 प्रतिसत वोटर हिंदी भाषा के लोग हैं अब देखना है कि इस बयान पर वोट बैंक में कितना असर पड़ता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *